इश्क़

धीरे – धीरे
तेरे मेरे
लफ्ज़ मर रहे हैं

चुपके से मौन
हमारे बीच
भर रहे हैं

तू लौटना चाहता है
तो लौट जा
मेरे इश्क़ के साये
तेरे साथ
चल रहे हैं