घर …….

 

 

तिनकों की मज़बूती

का भरम
या इस सफर में
पड़ाव का वहम
 
सांत्वना पुरूस्कार
आजीवन कारावास
या एक चुटकी भर सुकून
 
कभी थामने को एक हाथ
धूप में साया
प्यास में पानी
एक मुस्कान, एक नज़र
 
 
कभी बस एक
डाक पता भर
जमा सामान और
यादों का अजायबघर
 

घर …….